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भारतनेट के लिए केवल 'मेड इन इंडिया' यानी स्वदेशी उपकरण: सरकार

सरकार ने रविवार को कहा कि भारत में दूरसंचार क्रांति के बाद, भारतनेट परियोजना भारतीय ग्रामीण परिस्थितियों के अनुरूप मजबूत स्वदेशी उपकरणों का सबसे बड़ा उपभोक्ता होगी। श्रीमती अरुणा सुंदरराजन, सचिव, दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने पत्रकारों को बताया कि पूरी तरह से भारत में बने फाइबर और गिगाबिट-कैपेबल पेसिव ऑप्टिकल नेटवर्क (जीपॉन) उपकरण, दोनों सी-डॉट (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलीमैटिक्स) के पास हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि उपकरण पूरी तरह से स्वदेशी है और इसे अनुकूलित किया गया है ताकि यह ग्रामीण वातावरण में काम कर सके, जहां बिजली की समस्या है और धूल भी एक बड़ा मसला है।

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परिवर्तन की अग्रिम पंक्ति में

सी-डॉट के कार्यकारी निदेशक श्री विपिन त्यागी ने टेली डॉट नेट पत्रिका में प्रकाशित अपने नवीनतम साक्षात्कार में भारत में दूरसंचार की वर्तमान स्थिति और सी-डॉट जैसे अनुसन्धान और विकास संगठन के लिए युगांतरकारी घटनाओं या "टेक्टोनिक शिफ्ट" के बारे में बातचीत की है। उन्होंने बताया है कि वह शोध और बौद्धिक संपदा निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए किस प्रकार भारत को दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास में सभी बदलावों की अग्रिम पंक्ति पर देखने को उत्सुक हैं, क्योंकि अंततः इसी के माध्यम से भारत को विश्व स्तरीय दूरसंचार उत्पाद तैयार करने में मदद मिल सकती है। अंत में, उन्होंने "खादी इलेक्ट्रॉनिक्स" की एक दिलचस्प अवधारणा की चर्चा की है जो भारतीय उत्पादों के बारे में लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने से शुरू हुआ और भारतीय अनुसन्धान और विकास ही नहीं, विनिर्माण क्षेत्र के लिए भी बाज़ी पलट दी।

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सी-डॉट के सीएपी-ईडब्ल्यूपी के माध्यम से असुरक्षित क्षेत्रों के लोगों को आपदा की पूर्व चेतावनी देने के लिए स्थान-आधारित एसएमएस अलर्ट

सी-डॉट विश्‍वस्‍तरीय अत्‍याधुनिक स्वदेशी सीएपी के अनुरूप एक पूर्व चेतावनी प्लेटफॉर्म का विकास कर रहा है, जो बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के मीडिया एसएमएस, टीवी, रेडियो, इंटरनेट, साइरन इत्यादि पर स्थान विशेष से संबंधित चेतावनी संदेश भेजने के लिए सभी मौसम पूर्वानुमान एजेंसियों और विभिन्न मंत्रालयों को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ एकीकृत करेगा। एनडीएमए और डीओटी संयुक्त रूप से इस राष्ट्रीय स्तर की परियोजना का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्‍होंने सी-डॉट को तकनीकी सहयोगी के रूप में चुना है। 12 राज्यों का फील्‍ड परीक्षण पूरा हो चुका है। केरल सरकार स्थान विशेष से जुड़ी चेतावनी जारी करने के लिए पहले ही इस प्रणाली का कड़ाई से उपयोग कर रही है।

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राष्‍ट्रीय स्‍तर पर एकीकृत सी-डॉट कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल पर आधारित पूर्व चेतावनी प्लेटफॉर्म (सीएपी-ईडब्लूपी) का उपयोग केरल बाढ़ के दौरान लोगों की जान बचाने में किया गया।

दूरसंचार क्रांति के बाद, अब सी-डॉट, दूरसंचार विभाग( डीओटी) के मार्गदर्शन में आईएमडी, एनडीएमए और एसडीएमए के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत सीएपी-ईडब्ल्यूपी विकसित करके देश को आपदा से निपटने के लिए तैयार कर रहा है। केरल सरकार एसएमएस के माध्यम से वर्नाक्युलर भाषाओं में लोगों को चेतावनी/ परामर्श जारी करने के लिए बीटा संस्करण का उपयोग कर रही है। लगभग 40 लाख लक्षित मोबाइल ग्राहकों को वे एसएमएस प्राप्त हुए थे। इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल इस साल अमरनाथ यात्रा के दौरान चेतावनी/ परामर्श के एसएमएस जारी करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा भी किया गया।

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भारत ने 5जी को जल्‍द से जल्‍द ग्रहण करने के लिए ब्रिटेन के 3 संस्‍थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्‍ताक्षर किए

लंदन, 20 जून 2018. भारत ने 5 जी प्रौद्योगिकी का प्रभावी अन्वेषण करने और उसे जल्‍द से जल्‍द ग्रहण करना सुगम बनाने के लिए ब्रिटेन के तीन शीर्ष अकादमिक संस्थानों के साथ आज तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौता ज्ञापनों पर किंग्स कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ सर्रे, यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के प्रतिनिधियों तथा भारत में दूरसंचार क्षेत्र में अनुसंधान और विकास में जुटे सी-डॉट के कार्यकारी निदेशक विपिन त्यागी ने हस्ताक्षर किए। इन समझौतों पर भारत के संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और ब्रिटेन में भारत के उच्‍चायुक्‍त वाई के सिन्हा की उपस्थिति में इंडिया हाउस में हस्ताक्षर किए गए।

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ट्राई ने सी-डॉट द्वारा विकसित मोबाइल नेटवर्क कवरेज पर पोर्टल लॉन्‍च किया

ट्राई ने मोबाइल नेटवर्क कवरेज पोर्टल को लागू करने के लिए सी-डॉट के साथ सहयोग किया है, जो ग्राहकों को अपने सेवा प्रदाता का चुनाव करते समय ज्‍यादा सूझ-बूझ से फैसले लेने में समर्थ बनाएगा। यह पोर्टल विभिन्‍न दूरसंचार कम्‍पनियों द्वारा उपलब्‍ध कराए गए कवरेज डेटा का उपयोग करते हुए विकसित किया गया है, जिसे नियमित तौर पर अद्यतन किया जाता रहेगा।

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दूरसंचार विभाग ने मोबाइल ट्रैकिंग प्रोजेक्‍ट सी-डॉट को सौंपा

दूरसंचार विभाग ने जाली सेलफोन्‍स का पता लगाने और चोरी को हतोत्‍साहित करने के लक्ष्‍य से मोबाइल ट्रैकिंग प्रोजेक्‍ट सेंटर फॉर डेवलेपमेंट ऑफ टेलिमेटिक्‍स (सी-डॉट) को निर्दिष्‍ट किया है। सी-डॉट को सेंट्रल इक्विप्‍मेंट आइडेंटिटी रजिस्‍टर (सीईआईआर) नामक इस प्रोजेक्‍ट को विकसित और कार्यान्वित करना होगा। सीईआईआर सिस्‍टम चोरी या गुम हो जाने वाले किसी भी नेटवर्क के मोबाइल फोन्‍स सभी तरह की सेवाएं रोक देगी, भले ही उसका सिम ही क्‍यों न हटा दिया गया हो या फिर हैंडसेट का आईएमईआई नम्‍बर ही क्‍यों न बदल दिया गया हो।

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सी-डॉट ने अपना 34 वां स्‍थापना दिवस मनाया

संचार मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने दक्षेस देशों और दुनिया के अन्य विकासशील क्षेत्रों को दूरसंचार उत्पादों का निर्यात करने के लिए सेंटर फॉर डेवलेपमेंट ऑफ टेलिमेटिक्‍स (सी-डॉट) से उचित लागत पर नवाचार करने और दूरसंचार उत्‍पादों को विकसित करने का आह्वान किया है। सी-डॉट के 34 वें स्‍थापना दिवस समारोह के अवसर पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भारत सरकार का प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र ऐसे उत्पादों का विकास कर सकता है, जिनके कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा संबंधी क्षेत्रों में दूरगामी प्रभाव हों। सी-डॉट के नवीनतम नवाचार, ‘’विद्वान्’’ के शुभारंभ का उल्‍लेख करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि, यह कार्यालयों और घरों जैसे स्थानों में नो-सिग्नल और कम सिग्नल नेटवर्क वाली जगहों में बार-बार होने वाले कॉल ड्रॉप जैसी समस्‍याओं को हल करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। । उन्होंने सी-डॉट को अपने स्‍थापना दिवस के अवसर पर नियमित रूप से व्याख्यान श्रृंखला आयोजित करने के लिए बधाई भी दी, जिसमें आईटी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र से जुड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाएं अपने क्षेत्र की भावी चुनौतियों के बारे में गहन विचार-विमर्श करने के प्रति आकृष्‍ट होती हैं।

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अब आप किराना स्‍टोर से मात्र 10 रुपये में वाई-फाई डेटा खरीद सकते हैं।

सेंटर फॉर डेवलेपमेंट ऑफ टेलिमेटिक्‍स (सी-डॉट) ने देश भर में एंड टू एंड कनेक्टिविटी समाधानों संबंधी आवश्‍यकताओं को पूरा करने में सहायता करने के लिए कम लागत वाला पब्लिक डेटा ऑफिस (पीडीओ) विकसित किया है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सी-डॉट को वाई-फाई डेटा हॉटस्‍पॉट्स में सुधार लाने तथा देश भर के छोटे-छोटे हिस्‍सों में सम्‍पर्क को बेहतर बनाने के लिए पीडीओ सिस्‍टम तैयार करने के लिए अधिदेशित किया है। सृजित किए गए नए समाधान का मूल्‍य 50,000 रुपये से कम है और इसलिए देश के छोटे खुदरा दुकानदारों में इस खरीदने का सामर्थ्‍य है।

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सी-डॉट ने स्‍मार्ट सिटीज को ज्‍यादा कुशल, लाभप्रद और भविष्‍य के अनुरूप बनाने के लिए सीसीएसपी का विकास किया

सी-डॉट ने वन एम2एम मानकों का अनुपालन करने वाले कॉमन सर्विस प्‍लेटफॉर्म-सीसीएसपी (सी-डॉट कॉमन सर्विस प्‍लेटफॉर्म) का विकास किया है, जिसे पहले से मौजूद किसी भी जेनरिक सर्वर प्‍लेटफॉर्म्‍स पर या क्‍लाउड इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर पर लगाया जा सकता है। बिजनेस एप्‍लीकेशन प्रदाता अपने वन एम2एम का अनुपालन करने वाले अनुप्रयोगों को या तो सह-स्‍थापित अवसंरचना में या किसी भी सार्वजनिक या निजी क्‍लाउड पर लगा सकते हैं।

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मंत्री ने सी-डॉट के स्‍थापना दिवस के अवसर पर उसके द्वारा विकसित 3 नए उत्‍पादों का शुभारंभ किया

संचार मंत्री श्री मनोज सिन्‍हा ने जीपॉन टेक्‍नोलॉजी के लिए सी-डॉट को बधाई दी और आशा व्‍यक्‍त की कि नेटवर्क इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर स्‍थापित करने के लिए एक लाख ग्राम पंचायतें (जीपी) मार्च 2017 तक, ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) के माध्‍यम से जुड़ जाएंगी, ताकि ग्रामीण जनता को सेवाएं प्रदान की जा सकें। इस अवसर पर मंत्री ने सी-डॉट द्वारा विकसित तीन नए उत्‍पाद – डब्‍ल्‍यूडीएम पॉन (डब्‍ल्‍यूडीएएन) और संवाद एप्‍प का भी शुभारंभ किया।

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सी-डॉट ने बुडापेस्‍ट में आयोजित आईटीयू वर्ल्‍ड टेलिकॉम इवेंट में अपने उत्‍पाद ज्ञानसेतु के लिए बटोरी वाहवाही

भारत सरकार के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत प्रमुख दूरसंचार प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं विकास केंद्र - सेंटर फॉर डेवलेपमेंट ऑफ टेलिमेटिक्‍स (सी-डॉट) को एक बार फिर से अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अनूठी पहचान मिली। कनेक्‍ट‍िविटी की कमियां दूर करने तथा देश के विशाल ग्रामीण भागों में सार्थक संचार करने की दिशा में उसके उत्‍पाद ज्ञानसेतु को उत्‍कृष्‍ट उत्‍पाद घोषित किया गया है। समूची सी-डॉट टीम के लिए यह बहुत गर्व का विषय है कि ग्रामीण भारत के लिए अभिनव उत्‍पाद- ज्ञानसेतु को आईटीयू वर्ल्ड टेलिकॉम 2015 कार्यक्रम में रेकिग्निशन ऑफ एक्सिलेंस अवार्ड प्राप्‍त हुआ है। माननीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने पिछले साल नई दिल्‍ली, भारत में ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर इस उत्‍पाद का शुभारंभ किया था।

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सी-डॉट ब्रॉडबैंड उत्पाद लॉन्च करेगा

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संस्‍थान सी-डॉट ने भारतीय परिदृश्य की संवेदनशील आवश्‍यकताओं के अनुरूप स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का विकास किया है, जिनका उद्देश्‍य ‘’डिजिटल इंडिया’’ के गढ़ का निर्माण करने की व्‍यापक संभावनाओं के साथ ग्रामीण और शहरी भारत का डिजिटल समागम करना है। माननीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने 6 जुलाई को निम्‍नलिखित 4 उत्‍पादों का शुभारंभ किया।डिजिटल भारत सप्‍ताह 1-7 जुलाई 2015 के दौरान मनाया गया। 1. लांग डिस्‍टेंस वाई-फाई सिस्‍टम 2. सोलर पॉवरर्ड वाई-फाई सिस्टम 3. 100 जीबीपीएस ओएफसी लिंक 4. एमटीएनएल नेटवर्क में सी-डॉट नेक्‍स्‍ट जेनरेशन नेटवर्क